डिपॉज़िट और अग्रिम राशि अकाउंटिंग में देनदार श्रेणी में क्यों आते हैं?
त्वरित टूर
देनदार क्या है?
देनदार का मतलब है [वह राशि जिसे कंपनी अस्थायी रूप से रखती है, लेकिन भविष्य में लौटाना या जिम्मेदारी पूरी करना है।] ये राशि कंपनी की वास्तविक आय नहीं हैं, बल्कि भविष्य में लौटाने या सेवा प्रदान करने की ज़िम्मेदारी हैं।
डिपॉज़िट देनदार क्यों है?
जब कंपनी किरायेदार या ग्राहक से डिपॉज़िट प्राप्त करती है, तो यह राशि केवल अस्थायी रूप से संग्रहित होती है और भविष्य में लौटाना हो सकता है।
- यदि किराये की अवधि समाप्त होती है और कोई नुकसान नहीं है, तो पूरी राशि लौटानी चाहिए।
- क्षति के मामले में, आंशिक कटौती या आंशिक वापसी हो सकती है।
इसलिए, जमा राशि को कंपनी की आय नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे 'लायबिलिटी खाते' में रखा जाता है।
प्रीपेड अकाउंट देनदारी क्यों है?
प्रीपेड अकाउंट का मतलब है कि कंपनी को पहले से भुगतान मिला है, लेकिन सेवा या वस्तु अभी पूरी नहीं की गई है।
- जैसे किरायेदार भविष्य के 3 माह का किराया एक बार में दे देते हैं,
- कंपनी को सेवा पूरी करनी चाहिए और प्रत्येक माह के अनुसार आय को मान्यता देनी चाहिए।
सेवा पूरी होने से पहले, यह राशि 'देनदारी' मानी जाती है, और इसे तुरंत आय के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।
सारांश और अनुस्मारक
| खाता | कारण | ऋण का कारण |
|---|---|---|
| जमानत राशि | प्राप्त लेकिन संभवतः वापस करना होगा | कंपनी को ग्राहक को वापस करने का दायित्व है |
| अग्रिम प्राप्तियाँ | प्राप्त लेकिन सेवा अधूरी है | कंपनी को ग्राहक के प्रति दायित्व निभाना है |